Tuesday, December 25, 2018

योगगुरु रामदेव क्यों बना रहे हैं मोदी और बीजेपी से दूरी?

योगगुरु बाबा रामदेव के राजनीतिक तौर पर 'तटस्थ' रहने के फ़ैसले और ठीक छह महीने पहले अपनाए रुख को बदलने से कई सवाल उठ रहे हैं.

सबसे अहम सवाल ये है कि किसी वक़्त भारतीय जनता पार्टी के समर्थन में घोषित तौर पर अभियान चलाने वाले योगगुरु रामदेव ख़ुद को 'सर्वदलीय और निर्दलीय' क्यों बता रहे हैं?

सवाल की वजह भी है. तीन महीने में ये दूसरा मौका है जब बाबा रामदेव ने ख़ुद को बीजेपी से अलग दिखाने की कोशिश की है. इसके पहले सितंबर में भी एक कार्यक्रम के दौरान रामदेव ने कहा था कि वो अगले चुनाव में बीजेपी का प्रचार नहीं करेंगे.

लेकिन, तब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर ज़्यादा कुछ नहीं कहा था. मगर मंगलवार को रामदेव ने ख़ुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अलग दिखाने की कोशिश की.

उन्होंने कहा कि वो 'किसी व्यक्ति का समर्थन नहीं करते.' बीते सालों में तमाम मौकों पर नरेंद्र मोदी की तारीफ कर चुके और उनके समर्थन में भविष्यवाणी करते रहे रामदेव ने अगले चुनाव को लेकर कहा कि वो नहीं जानते कि 'अगला प्रधानमंत्री कौन होगा.'

किसी का समर्थन नहीं'

योगगुरु रामदेव ने मंगलवार को मदुरै एयरपोर्ट पर पत्रकारों से कहा, "फिलहाल राजनीतिक हालात बहुत जटिल हैं. हम ये नहीं कह सकते हैं कि अगला प्रधानमंत्री कौन होगा या फिर देश की अगुवाई कौन करेगा. लेकिन हालात बहुत दिलचस्प हैं. संघर्ष की स्थिति है."

उन्होंने आगे कहा, "अब मैं राजनीति पर ध्यान नहीं लगा रहा हूं. मैं न तो किसी व्यक्ति और न ही किसी पार्टी का समर्थन कर रहा हूं."

योगगुरु रामदेव का ताज़ा बयान बहुत से लोगों के लिए हैरान करने वाला है. ख़ासकर उनके लिए जिन्होंने योगगुरु को भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पक्ष में सक्रिय अभियान चलाते देखा है. 

छह महीने में बदले सुर
करीब छह महीने पहले 3 जून को बाबा रामदेव बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के साथ मौजूद थे और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के चार साल के कामकाज की तारीफ में जुटे थे.

अमित शाह से मुलाक़ात के बाद मीडिया रिपोर्टों में रामदेव के हवाले से कहा गया, " प्रधानमंत्री का इरादा और नेतृत्व देश को आगे ले जा रहा है."

ये बयान उस वक़्त आया जब अमित शाह योगगुरू रामदेव से मिलने पहुंचे थे.

तब अमित शाह ने कहा था, " मैं बाबा रामदेव का समर्थन लेने आया हूं. मुझे जो कुछ कहना था, उन्होंने बड़े धैर्य से वो सब सुना." 

अमित शाह ने आगे कहा, "अगर हमें बाबा रामदेव की मदद मिलती है तो हम उनके करोड़ों समर्थकों तक पहुंच सकते हैं. जो 2014 में हमारे साथ थे, हम उन सभी का आशीर्वाद मांग रहे हैं."

Wednesday, December 12, 2018

साजिद पर IFTDA की कार्रवाई, हुए 1 साल के लिए सस्पेंड

मूवमेंट के तहत फिल्ममेकर साजिद खान पर कई महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाए. इन्हीं आरोपों पर कार्रवाई करते हुए साजिद खान को IFTDA यानी इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन ने 1 साल के लिए ससपेंड कर दिया है.

गौरतलब है कि साजिद खान पर सबसे पहले एक महिला पत्रकार ने सनसनीखेज आरोप लगाये थे. उसके बाद अभिनेत्री सलोनी चोपड़ा, रशेल वाइट, सिमरन सूरी ने भी डायरेक्टर पर सैक्सुअल हैरेसमेंट के आरोप लगाए. इन आरोपों पर गंभीरता से विचार करते हुए IFTDA ने साजिद को एक साल के निलंबित कर दिया गया है.

फिलहाल साजिद खान ने IFTDA के इस फैसले पर कोई प्रतिक्रिया नही दी है. वे इस मामले में कुछ भी कहने से बचते दिखे. साजिद खान के अलावा एक्टर आलोक नाथ पर भी के तहत आरोप लगे हैं. जिसपर कार्रवाई करते हुए पिछले दिनों CINTAA ने आलोक नाथ को निष्कासित किया था. एक्टर के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई थी.

भाई पर लगे आरोपों पर क्या कहा था फराह खान ने?

भाई साजिद पर आरोप लगने के बाद फराह खान ने ट्वीट कर लिखा था, "यह मेरे परिवार के लिए आहत करने वाला समय है. हमें बहुत मुश्किल मुद्दों पर काम करने की जरूरत है. यदि मेरे भाई ने ऐसा बर्ताव किया है तो उसे इसका बहुत खामियाजा भुगतना पड़ेगा. मैं किसी भी तरह से इस बर्ताव का समर्थन नहीं करती हूं और आहत महिलाओं की एकजुटता में उनके साथ हूं."

एंटीलिया को खूबसूरत फूलों और लाइट्स से सजाया गया है. फूलों और लाइट्स की झालरों के बीच दिये की रोशनी से नजारा और भी खूबसूरत हो गया है. दियों को यैलो और ऑरेंज फूलों से सजाया गया है. एंट्रेंस के बाहर लगे पेड़ों को व्हाइट एंड रेड फ्लॉवर से डेकोरेट किया गया है. डेकोरेशन की तस्वीरें भी सामने आई हैं.

ये है मेहमानों की लिस्ट-

PTI के हवाले से मिड डे ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि रॉयल वेडिंग में फिल्मी सितारों के अलावा राजनीतिक जगत की बड़ी हस्तियों के भी शामिल होने की संभावना है. इसमें प्रणब मुखर्जी, राजनाथ सिंह, प्रकाश जावड़ेकर, ममता बनर्जी, विजय रूपाणी, चंद्रबाबू नायडू, देवेंद्र फडणवीस का शामिल होना कन्फर्म माना जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने पर सस्पेंस बना हुआ है. शादी में कुल 600 मेहमानों के आने की संभावना है. इसमें अंबानी परिवार के सदस्य, करीबी रिश्तेदार और प्रशंसक शामिल हैं. बॉलीवुड से भी बड़े कलाकारों के शादी में शरीक होने की खबर है.

Friday, November 9, 2018

कर्नाटक में टीपू सुल्तान की जयंती मनाने की तैयारी में सरकार, विरोध में उतरे बीजेपी कार्यकर्ता

बीजेपी के भारी विरोध के बाद भी कर्नाटक सरकार ने घोषणा की है कि वह इस वर्ष भी 18वीं सदी के मैसूर के शासक टीपू सुल्‍तान की जयंती अपने तय कार्यक्रम के मुताबिक ही मनाएगी। शनिवार को होने वाले इस कार्यक्रम के विरोध में बीजेपी और श्री राम सेना के समर्थक प्रदर्शन कर रहे हैं।

जहां एक ओर कर्नाटक सरकार शनिवार को मैसूर के शासक टीपू सुल्तान की जयंती मनाने की तैयारी कर रही है, वहीं बीजेपी ने इसका बड़े स्तर पर विरोध शुरू कर दिया है। बीजेपी कार्यकर्ता और नेता तख्तियां लेकर बेंगलुरु में इस आयोजन के खिलाफ प्रदर्शन करने उतर चुके हैं। बता दें, कर्नाटक सरकार ने घोषणा की है कि वह बीजेपी के विरोध के बावजूद इस वर्ष भी 18वीं सदी के मैसूर के शासक टीपू सुल्‍तान की जयंती अपने तय कार्यक्रम के मुताबिक ही मनाएगी।

10 नवंबर को होने वाले इस कार्यक्रम के विरोध में बीजेपी और श्री राम सेना के समर्थक प्रदर्शन कर रहे हैं। बीजेपी ने मैसूर के शासक को अत्‍याचारी करार दिया है। केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने कहा है कि एक अत्‍याचारी के जन्‍मदिन को मनाए जाने की कोई जरूरत नहीं है। उन्‍होंने कहा कि टीपू सुल्‍तान हिंदू विरोधी थे। बीजेपी प्रवक्‍ता एस प्रकाश ने कहा कि जब पिछली कांग्रेस सरकार ने टीपू जयंती मनाने का फैसला किया था, उस समय उनका काफी विरोध हुआ था। 

इससे पहले येदियुरप्पा ने भी इसका विरोध करते हुए कहा था, 'हम टीपू जयंती का विरोध कर रहे हैं और कोई इस आयोजन की तारीफ नहीं करेगा। लोगों के हित में राज्य सरकार को इसे रोकना चाहिए।' उन्होंने कहा, 'टीपू जयंती मनाने के पीछे सरकार की मंशा केवल मुस्लिम समुदाय को संतुष्ट करने की है।' बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि उनकी पार्टी ने आने वाले दिनों में इसके व्‍यापक विरोध का फैसला किया है। 

राज्‍य की एचडी कुमारस्‍वामी सरकार ने गुपचुप तरीके से इस कार्यक्रम का स्‍थल विधानसौधा से हटाकर एक गैरराजनीतिक स्‍थान पर कर दिया है। विरोध को देखते कर्नाटक के गृहमंत्री जी परमेश्‍वरा ने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की है तथा कानून और व्‍यवस्‍था को बनाए रखने के लिए सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की है। मुख्‍यमंत्री एचडी कुमारस्‍वामी ने चेतावनी दी है कि यदि किसी ने आधिकारिक कार्यक्रम में बाधा डाली तो उसे कानून का सामना करना होगा।

Thursday, November 1, 2018

शुक्रवार को बड़े पर्दे पर नज़र आएंगी कम बजट की 3 नई फिल्में; जैक एंड दिल

हर हफ्ते शुक्रवार की तरह इस शुक्रवार भी बड़े पर्दे पर तीन नई फिल्में दस्तक देने जा रही है। अंधाधुन और बधाई हो की बड़ी कामयाबी के बाद इस हफ़्ते तीन छोटे बजट की फिल्में रिलीज़ हो रही हैं। हर हफ्ते फिल्में रिलीज़ होती हैं जिन्हे देखने के लिए भारी तादाद में दर्शक पहुंचते हैं। तो वही फर्स्ट डे फर्स्ट शो के लिए लोगों में होड़ तक देखने को मिलती है। इस बार भी शुक्रवार यानि 2 नवंबर को 3 फिल्में रिलीज़ होने वाली है। उनमें जैक एंड दिल, लुप्त और इक्कीस तारीख़ शुभ मुहूर्त शामिल हैं।जिनमे से आप अपनी पसंद के मुताबिक चुन कर फिल्म देख सकते हैं। आइए आपको बताते हैं कि इस शुक्रवार कौन-कौन से फिल्म रिलीज़ हो रही है।

सचिन पी करंडे के निर्देशन में बनी ये फिल्म एक रोमांटिक कॉमेडी है। फिल्म एक जासूस की कहानी है जो अरबाज़ खान की पत्नी की जासूसी करता है कि उसका कोई अफेयर तो नहीं। इस फिल्म में आपको अमित साध, अरबाज़ खान और सोनल चौहान अहम रोल में नज़र आएंगे।

प्रभुराज के निर्देशन में बनी फिल्म लुप्त एक सुपरनेचुरल ड्रामा है। फिल्म में काफी वक्त के बाद जावेद जाफरी नज़र आएंगे। इसके अलावा विजय राज, करण आनंद और टीवी की नामी अभिनेत्री निक्की अनेजा वालिया अहम् भूमिकाओं में हैं। लुप्त एक उद्योगपति की कहानी है जिसे अचानक भूत दिखाई देने लगता है। कहा जाता है कि वो क्रोनिक इनसोम्निया का शिकार है। ये फिल्म बिल्कुल अलग सब्जेक्ट पर बनी है।

3.इक्कीस तारीख शुभ मुहूर्त
पवन कुमार के निर्देशन में बनी ये फिल्म सामाजिक परिपेक्ष्य में एक व्यंगात्मक कहानी है। शुभ काम के लिए शुभ मुहूर्त निकालने की पंडित जी की कहानी पर आधारित ये फिल्म बिल्कुल हटकर है। इसमें संजय मिश्रा लीड रोल में हैं और उनके अलावा मुकेश तिवारी, ब्रजेन्द्र काला और महेश शर्मा के भी रोल है। संजय मिश्रा इससे पहले अंग्रेज़ी में कहते हैं फिल्म में दमदार किरदार निभा चुके हैं। वो भी फिल्म छोटे बजट की थी लेकिन कुछ अलग थी।
वही इन तीन फिल्मों के अलावा इस शुक्रवार राष्ट्रपुत्र, मौसम इकरार के दो पल प्यार के और कुत्ते की दुम भी रिलीज़ होगी लेकिन वो ऑल इंडिया रिलीज़ नहीं हैं।

कम उम्र के बच्चे थे रणवीर : मोहरा की शूटिंग 1994 में चल रही थी। जब रणवीर सिंह महज 8-9 साल के थे। ऐसे में रवीना जब टिप टिप बरसा पानी की शूटिंग कर रही थीं, तो उस डांस सीक्वेंस में कुछ सेंसुअल मूव्स भी थे। जिसके कारण रवीना को लगा को एक बच्चे पर यह डांस देखकर गलत प्रभाव पड़ सकता है भले ही उसके पैरेंट्स वहां हैं।

नॉटी हैं रणवीर, मेरी टांग खींचते हैं : रवीना ने एंटरटेनमेंट चैनल को दिए अपने इंटरव्यू में कहा- रणवीर बहुत नॉटी हैं। वे अक्सर यही कहकर मेरी टांग खींचते रहते हैं कि हां हां मुझे तो सेट से बाहर भगा दिया गया था। हालांकि मेरा इंटेशन यही था कि बच्चों को सही समय पर ही चीजों को बताया जाना चाहिए। उस वक्त मैं अनकम्फर्टेबल थी, इसलिए मुझे यही सही लगा। 

दीपिका से शादी कर रहे हैं रणवीर :  रणवीर सिंह जल्द ही दीपिका पादुकोण से शादी करने जा रहे हैं। 14 और 15 नवम्बर को दोनों की शादी इटली में होगी, जबकि रिसेप्शन मुंबई में दिसम्बर में होगा। वहीं रणवीर रोहित शेट्‌टी की फिल्म सिंबा की शूटिंग कर रहे हैं।